Deepak Kumar Saini - B.E. (Civil) - Vastu & Geopathy Expert

विवाह में जयमाला क्यों पहनाई जाती है?

हिंदू धर्म में 16 संस्कार हैं जिनमें से एक है विवाह और हिंदू धर्म के विवाहों में कई तरह के रस्म-रिवाजों को किया जाता है।

हिंदू धर्म के विवाह

हिंदू धर्म के विवाह

विवाह की विभिन्न रस्मों में जयमाला भी एक रस्म होती है जिसमें वर-वधु एक दूसरे को फूलों से बनी माला पहनाते है।

जयमाला

जयमाला

हिंदू धर्म में जयमाला की रस्म के बिना विवाह अधूरा माना जाता है, आज हम आपको बताएँगे कि विवाह में वरमाला क्यों पहनाई जाती है।

जयमाला की रस्म क्यों

जयमाला की रस्म क्यों

धार्मिक परंपराओं के अनुसार जयमाला की रस्म को सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक तथा बहुत शुभ माना जाता है।

प्रतीक

प्रतीक

जयमाला की रस्म वर और वधु एक दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकारने का प्रतीक माना जाता है।

स्वीकीर्ति

स्वीकीर्ति

पौराणिक कथाओं के अनुसार समुद्र मंथन के समय जब महालक्ष्मी जी प्रकट हुई थी तब उन्होंने ने भगवान विष्णु जी को जयमाला पहनाकर उनको अपने पति के रूप में स्वीकार किया था।

भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी

लोक कथाओं के अनुसार फूलों की माला वर और वधु को एक दूसरे से जोड़ती है तथा जीवनभर एक दूसरे का साथ निभाने की भावना को मजबूत बनाती है।

साथ-साथ

जयमाला के माध्यम से वर और वधु एक दूसरे को जीवन की नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएँ देते हैं।

शुभकामनाएँ

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