Deepak Kumar Saini - B.E. (Civil) - Vastu & Geopathy Expert

होली के दिन सफ़ेद कपड़े क्यों पहने जाते हैं?

दोस्तों क्या आप जानते हैं कि होली के दिन सफ़ेद कपड़े ही क्यों पहनने चाहिए तथा इसके पीछे क्या कारण हैं?

कारण

कारण

हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन होली का त्यौहार मनाया जाने वाला है।

हिंदू पंचांग

हिंदू पंचांग

ग्रेगोरियन कैलेंडर के मुताबिक 25 मार्च 2024 सोमवार के दिन होली का त्यौहार मनाया जाने वाला है।

ग्रेगोरियन कैलेंडर

ग्रेगोरियन कैलेंडर

होली का त्यौहार जहाँ तरह-तरह के रंगों का त्यौहार है वहीं होली खेलते समय सफ़ेद कपड़े पहनने का भी रिवाज है।

रिवाज

रिवाज

सफ़ेद रंग के कपड़ों पर जब रंग गिरता है तो कपड़े भी उसी रंग में पूरी तरह से रंग जाते हैं जो दिखने में सुंदर लगते हैं।

सफ़ेद रंग का कपड़ा

लोक कथाओं के हिसाब से जितने भी रंगों में आप होली वाले दिन रंगे गए हो वे सभी रंग सफ़ेद रंग के कपड़ों पर बहुत अच्छे से उभरकर आते हैं।

लोक कथाएँ

होली के त्यौहार के साथ ही गर्मियों के मौसम की भी शुरुआत हो जाती है और सफ़ेद रंग के कपड़े पहनने से गर्मी भी कम लगती है।

गर्मी का मौसम

गर्मी का मौसम

सफ़ेद रंग को शांति का प्रतिक माना जाता है और इस कारण से भी लोग होली वाले दिन सफ़ेद रंग के वस्त्र पहनते हैं।

शांति का प्रतिक

सफ़ेद रंग सकारात्मकता और शांति का संदेश देने वाला रंग माना जाता है इसलिए भी होली के दिन सफ़ेद रंग के वस्त्र की पहनने की प्रथा काफी प्रचलित भी है।

सकारात्मकता का संदेश

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