Deepak Kumar Saini - B.E. (Civil) - Vastu & Geopathy Expert

पूजा से पहले स्नान करना क्यों ज़रूरी है?

हिंदू धर्म में और कई अन्य धार्मिक परंपराओं में पूजा से पहले स्नान को महत्वपूर्ण माना जाता है।

अति महत्वपूर्ण

अति महत्वपूर्ण

पूजा से पहले स्नान करने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जिनमें आध्यात्मिक, शुद्धि और सामाजिक मामले शामिल होते हैं।

विभिन्न मामले

स्नान का मुख्य उद्देश्य शारीरिक और मानसिक शुद्धि है।

शारीरिक और मानसिक शुद्धि

स्नान करने से शरीर के कीटाणुओं और धूल को दूर किया जाता है जिससे शरीर शुद्ध रहता है और आत्मा की ऊर्जा बढ़ती है।

आत्मिक शुद्धि

आत्मिक शुद्धि

स्नान करना एक पवित्र और शुद्ध अवस्था में श्रद्धालु को बनाए रखने में मदद करता है और पूजा या धार्मिक अनुष्ठान के लिए योग्य बनाता है।

धार्मिक दृष्टिकोण

धार्मिक दृष्टिकोण

स्नान करके शुद्ध होने के बाद ही पूजा और यज्ञ में प्रवेश करना चाहिए जिससे पवित्रता की स्थिति में होकर धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेना शुभ  माना जाता है।

पूजा और यज्ञ में प्रवेश

स्नान के द्वारा शारीरिक और मानसिक शुद्धि के साथ-साथ आत्मिक विकास भी हो सकता है।

आत्मिक विकास

स्नान का अच्छा और ताजगी भरा अनुभव लोगों को एक नई शुरुआत का अहसास कराता है तथा इससे उत्साह बढ़ता है और दिन को प्रारंभ करने में मदद मिलती है।

उत्साह और नई शुरुआत

स्नान के तरीके और प्रक्रिया विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं में अलग-अलग होती हैं।

अलग-अलग

हमारे सनातन धर्म में आदि काल से लेकर वर्तमान तक स्नान को शुद्धि और पूजा के लिए एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना जाता है।

महत्वपूर्ण प्रक्रिया

पूजा में पंचामृत का उपयोग क्यों?