Deepak Kumar Saini - B.E. (Civil) - Vastu & Geopathy Expert

गुप्त नवरात्रि को गुप्त क्यों कहा जाता है?

गुप्त नवरात्रि को "गुप्त" इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसे गुप्त कल्याणकारी नवरात्रि के रूप में जाना जाता है।

कल्याणकारी नवरात्रि

गुप्त नवरात्रि में व्रत, पूजा और उपासना गुप्त रूप से की जाती है तथा इसे सामाजिक रूप से जाना नहीं जाता है।

गुप्त रूप

गुप्त रूप

गुप्त नवरात्रि का आयोजन विशेष रूप से उत्तर भारत जैसे कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में होता है।

उत्तर भारत

गुप्त नवरात्रि माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तिथि तक चलती है।

गुप्त नवरात्रि की तिथि

गुप्त नवरात्रि में देवी शक्ति के नौ रूपों की पूजा की जाती है और इसे साधक या व्रती गुप्त रूप से करते हैं अर्थात इसका खुला प्रसार नहीं होता है।

देवी शक्ति के नौ रूप

गुप्त नवरात्रि संयम और साधना का समय माना जाता है जिसमें व्रती व्यक्ति नौ दिनों तक उपासना, पूजा और ध्यान करता है।

संयम और साधना

गुप्त नवरात्रि के दौरान विशेष आहार और अन्न भिक्षाटन का भी पालन किया जाता है।

अन्न भिक्षाटन

गुप्त नवरात्रि की अवधि में भक्ति और तपस्या का माहौल होता है जिससे व्यक्ति अपनी आत्मा की ऊँचाईयों की प्राप्ति के लिए प्रयास करता है।

भक्ति और तपस्या

गुप्त नवरात्रि में क्या करें?