Deepak Kumar Saini - B.E. (Civil) - Vastu & Geopathy Expert

होलिका दहन से पहले कच्चा सूत क्यों लपेटा जाता है?

फाल्गुन माह की चतुर्दशी तिथि के दिन होलिका दहन करने का विधान हमारे समस्त भारत में बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है।

विधान

होलिका दहन होने से पहले या होते वक़्त कई चीज़ें अर्पित करते हैं क्योंकि ऐसा करने से हमारे जीवन में नकारात्मकता का नाश होता है।

अर्पित

अर्पित

हिंदू मान्यताओं के अनुसार यह विधान है कि होलिका दहन से पहले कच्चा सूत बाँधा जाता है चलिए हम आपको आज बताते हैं कि इसके पीछे क्या कारण है?

कारण

कारण

प्राचीन काल से होलिका दहन के लिए इक्कठा की गई लकड़ियों और उपलों पर कच्चा सूत लपेटा जाता है तथा उसके बाद पूजा की जाती है।

कच्चा सूत

लोक कथाओं के मुताबिक होलिका दहन से पहले उसकी पूजा करने का तथा 7 बार परिक्रमा करने की परंपरा है।

परंपरा

हिंदू ग्रंथों के हिसाब से होलिका दहन के लिए इक्कठा की गई लकड़ियों पर कच्चा सूत बाँधने से रोगों और नकारत्मक शक्तियों का प्रभाव खत्म होता है।

प्रभाव

ज्योतिष शास्त्र में भी कच्चे सूत को बहुत ही पवित्र माना जाता है और इसी कारण किसी भी धार्मिक अनुष्ठान में कच्चे सूत का प्रयोग किया जाता है।

ज्योतिष शास्त्र

ज्योतिष शास्त्र

होलिका दहन के लिए इक्कठा की लकड़ियों पर कच्चा सूत 7 बार परिक्रमा करते हुए बाँधना बेहद ही शुभ माना जाता है।

विधि

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