शुभ काम से पहले क्यों खाते हैं दही-शक्कर?

शुभ कार्य

शुभ कार्य

हिंदू धर्म में एक परंपरा है कि किसी भी शुभ कार्य करने जाने से पहले दही-शक्कर खाकर ही निकलना चाहिए।

पुरानी परंपरा

पुरानी परंपरा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भारत में दही-शक्कर खाने की परंपरा बहुत पहले से चली आ रही है कहते हैं कि ऐसा करने से काम ज़रूर सफल हो जाता है।

शारीरिक लाभ

शारीरिक लाभ

वैज्ञानिक आधारों के तहत दही शक्कर खाने से हमारे शरीर की नाभिक ठंडा रहती है और उदर भी तृप्त रहता है।

दही-शक्कर

दही-शक्कर

यात्रा के पहले दही-शक्कर खाकर निकलना मिथिलांचल की खास परंपरा में शुमार है जिसे बहुत ही शुभ बताया गया है।

दही का महत्व

दही का महत्व

दही को सनातन धर्म में पंचामृत भी माना जाता है और हर शुभ कार्य में दही का विशेष महत्व होता है।

चंद्रमा ग्रह

चंद्रमा ग्रह

ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि चंद्रमा के साथ दही का संबंध होता है इसलिए दही खाने से हमारा चंद्रमा ग्रह सुदृढ़ होता है।

आत्मविश्वास

आत्मविश्वास

लोक कथाओं के मुताबिक दही-शक्कर ग्रहण करके घर से बाहर निकलते हैं तो आपके अंदर का आत्मविश्वास और भी बढ़ जाता है।

पाचन क्रिया मजबूत

पाचन क्रिया मजबूत

मेडिकल क्षेत्र में भी दही का मतलब बहुत है यह सेहत के लिए काफी फ़ायदेमंद भी होता है तथा दही पाचन क्रिया को मजबूत भी करता है।

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