Deepak Kumar Saini - B.E. (Civil) - Vastu & Geopathy Expert

गाय का गौमूत्र पवित्र क्यों होता है?

हमारे हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार गौमाता शुचि हैं जिनका मुख अपवित्र और उनके पीठ के पीछे का हिस्सा परम पवित्र माना जाता है।

गौमाता का शरीर

जैसा कि हम सब जानते हैं सिर्फ गौमाता का ही मूत्र और गोबर दोनों को ही बहुत ज्यादा पवित्र माना जाता है।

मूत्र और गोबर

गौमाता के मूत्र में गंधक और पारद नाम के तात्विक अंश प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।

गंधक और पारद

गंधक और पारद

वास्तु शास्त्र के अनुसार हफ्ते में एक बार थोड़ा सा गौमूत्र पोछा लगाते समय इस्तेमाल ज़रूर करना चाहिए।

वास्तु शास्त्र

वास्तु शास्त्र

वास्तु शास्त्र के मुताबिक गौमूत्र का पोछा लगाने से आपके परिसर में हमेशा सकारात्मकता बनी रहती है।

सकारात्मक ऊर्जा

सकारात्मक ऊर्जा

ऐसा कहा जाता है कि अगर आप अपने परिसर में गौमूत्र का पोछा लगाते हैं तो संभावित तौर पर वहाँ से किसी भी प्रकार की बुरी नजर दूर हो जाती है।

बुरी नजर से बचाव

अगर आप रोज़ाना सादे पानी के साथ गौमूत्र का सेवन करते हैं तो आपको स्वास्थ्य संबंधित कई फायदे होते हैं।

गौमूत्र का सेवन

गौमूत्र का रोज़ाना सेवन करना आपको कई प्रकार की बीमारियों से भी बचाता है।

बीमारियों से बचाव

वर्तमान में सिर्फ भारत में ही नहीं अपितु विश्व के कई देश गौमाता के मूत्र का सेवन भी करने तथा गौमूत्र को बहुत पवित्र भी मानने लगे हैं।

गौमूत्र की पवित्रता

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