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भारत में विश्वकर्मा जयंती क्यों मनाई जाती है?

हिंदू पंचांग के अनुसार विश्वकर्मा जयंती माघ माह की शुक्ल पक्ष की त्रियोदशी तिथि के दिन मनाई जाती है।

हिंदू पंचांग

हिंदू पंचांग

ग्रेगोरियन कैलेंडर के मुताबिक विश्वकर्मा जयंती 22 फ़रवरी 2024 वीरवार के दिन पर है।

ग्रेगोरियन कैलेंडर

ग्रेगोरियन कैलेंडर

विश्वकर्मा जयंती भारत में एक महत्वपूर्ण हिंदू पर्व है जो विश्वकर्मा देवता की पूजा और आराधना के लिए मनाया जाता है।

विश्वकर्मा की पूजा

विश्वकर्मा जयंती का यह पर्व भगवान विश्वकर्मा को समर्थ शिल्पकला के देवता मानने के लिए होता है और उनकी कृपा से लोगों को सफलता और सुरक्षा प्राप्त होती है।

शिल्पकला के देवता

शिल्पकला के देवता

भारत में विश्वकर्मा देवता को विज्ञान, कला, शिल्प और उद्यम के देवता के रूप में पूजा जाता है।

विश्वकर्मा देवता

विश्वकर्मा देवता

विशेष रूप से विश्वकर्मा पूजा करने से कारीगर, उद्यमिता और शिल्पकला के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को शुभाशीष मिलती है।

शुभाशीष

शुभाशीष

विश्वकर्मा जयंती के दिन कारीगर, शिक्षु, उद्यमी और उद्योगपति को अपने कामशाला और उपकरणों की पूजा करनी चाहिए और नए यंत्रों और शिल्पकला के प्रोजेक्ट्स की शुरुआत करनी चाहिए।

प्रोजेक्ट्स की शुरुआत

विश्वकर्मा जयंती एक सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन है जो व्यापक रूप से भारतवर्ष में मनाया जाता है।

भारतवर्ष

भारतवर्ष

विश्वकर्मा जयंती के दिन शिल्पकला और उद्यमिता के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को प्रेरित किया जाता है।

लोगों को प्रेरित

लोगों को प्रेरित

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