Deepak Kumar Saini - B.E. (Civil) - Vastu & Geopathy Expert

शंखनाद क्यों करना चाहिए?

"शंखनाद" का मतलब है "शंख की आवाज निकालना" या 'शंख बजाना'।

शंखनाद का अर्थ

शंखनाद का अर्थ

शंखनाद किसी विशेष उद्देश्य के लिए किया जाता है जिसमें धार्मिक, सामाजिक और आध्यात्मिक पहलुओं का महत्व बहुत अधिक होता है।

विशेष उद्देश्य

आज हम आपको बताएँगे कि हमारे हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार शंखनाद क्यों करना चाहिए?

शंखनाद क्यों

धार्मिक संस्कृतियों में शंखनाद को ईश्वर की पूजा और आराधना का हिस्सा माना जाता है।

पूजा और आराधना

पूजा और आराधना

शंख की आवाज को पवित्र और शुभ माना जाता है जिससे आस्थाएँ बढ़ती हैं और मन को शांति मिलती है।

पवित्र और शुभ

पवित्र और शुभ

कई धार्मिक प्रवृत्तियों और समाजों में शंख को सांगोपांग मुक्ति का प्रतीक माना जाता है तथा शंख को ज्यादातर धार्मिक आचरण और यात्राओं के समय बजाया जाता है।

धार्मिक आचरण

विशेष शुभ अवसरों जैसे कि विवाह, पूजा या किसी महत्वपूर्ण घटना के समय शंखनाद को किया जा सकता है तथा शंखनाद करने से उत्सवी और शुभ वातावरण बनता है।

अवसरों पर

वास्तु शास्त्र में शंख को बजाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है तथा घर की पूर्व दिशा की ओर मुख करके ही घर में शंखनाद करना चाहिए।

वास्तु शास्त्र

कुछ योग और ध्यान प्रणायाम तकनीकों में भी शंखनाद का उपयोग किया जाता है जिससे ध्यान केंद्रित करने से मन को शांति मिलती है और योगाभ्यास में सहारा मिलता है।

योग और ध्यान

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