बसौड़ा पूजन किसे कहते हैं?

होली के 7 दिन बाद शीतला सप्तमी मनाई जाती है तथा कुछ लोग शीतला अष्टमी भी मनाते हैं और शीतला सप्तमी को बसौड़ा भी कहा जाता है।

सप्तमी और अष्टमी

सप्तमी और अष्टमी

वैदिक पंचांग के अनुसार चैत्र माह की कृष्ण पक्ष की सप्तमी और अष्टमी तिथि के दिन बसौड़ा पूजन किया जाएगा।

वैदिक पंचांग

वैदिक पंचांग

अंग्रेजी पंचांग के मुताबिक 2024 में 1 अप्रैल सोमवार और 2 अप्रैल मंगलवार के दिन बसौड़ा पूजन किया जाएगा।

अंग्रेजी पंचांग

अंग्रेजी पंचांग

बसौड़ा पूजन वाले दिन माता शीतला जी को बासी खाने का भोग लगाया जाता है जैसे कि मीठे चावल, पूड़े, खीर और मिठाई।

माता का भोग

अगर आस-पास शीतला माता मंदिर नहीं है तो किसी भी जगह माता शीतला का ध्यान करके पूजा कर सकते हैं।

माता शीतला जी

बसौड़ा पूजन वाले दिन सबसे पहले माता शीतला की पूजा करते समय माता शीतला की मूर्ति पर जल ज़रूर चढ़ाएं तथा इसके बाद गुलाल और कुमकुम अर्पित करें।

कैसे करें पूजा?

बसौड़ा पूजन वाले दिन माता शीतला की पूजा में अग्नि को शामिल नहीं करना चाहिए अर्थात पूजा में धुप, अगरबत्ती और दीया-बत्ती का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

क्या न करें?

बसौड़ा पूजन वाले दिन माता शीतला के मंदिर से आकर अपने घर के मुख्य द्वार पर हल्दी से स्वस्तिक ज़रूर बनाना चाहिए।

क्या करना चाहिए?

चैत्र माह में निर्माण कार्य करें या नहीं?