Deepak Kumar Saini - B.E. (Civil) - Vastu & Geopathy Expert

आमलकी एकादशी के दिन क्या करें?

वैदिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को ही आमलकी एकादशी के नाम से जाना जाता है।

वैदिक पंचांग

ग्रेगोरियन कैलेंडर के मुताबिक 20 मार्च 2024 बुधवार के दिन आमलकी एकादशी का व्रत रखा जाएगा।

ग्रेगोरियन कैलेंडर

ग्रेगोरियन कैलेंडर

आमलकी एकादशी के दिन व्रत में भगवान परशुराम जी की पूजा-अर्चना करनी चाहिए।

भगवान परशुराम जी

भगवान परशुराम जी

आमलकी एकादशी के दिन विशेष रूप से आँवले के वृक्ष की भी पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

आँवले का वृक्ष

कहा जाता है कि आमलकी एकादशी के दिन आँवले के वृक्ष की पूजा करने से किसी को भी मोक्ष और स्वर्ग की प्राप्ति हो जाती है।

महत्व

आमलकी एकादशी के दिन आँवले की वृक्ष की पूजा करना अगर संभव न हो तो खेजड़ी के वृक्ष की पूजा भी कर सकते हैं।

खेजड़ी का वृक्ष

अगर संभव हो तो आमलकी एकादशी की रात्रि को भगवत कथा व भजन कीर्तन करते हुए भगवान विष्णु जी का स्मरण करें।

क्या करें?

क्या करें?

एकादशी के अगले दिन अपने घर में ब्राह्मणों को भोजन ज़रूर करवाना चाहिए तभी आपका आमलकी एकादशी का व्रत संपूर्ण माना जाता है।

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