Deepak Kumar Saini - B.E. (Civil) - Vastu & Geopathy Expert

खरमास क्या है और क्यों आता है?

दोस्तों आज हम आपको बताएँगे कि खरमास क्या होता है तथा क्यों आता है चलिए बताते हैं आपको एक कथा के रूप में।

खरमास की कथा

मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि एक बार सूर्य देव सात घोड़ों के रथ पर सवार होकर ब्रह्मांड की परिक्रमा कर रहे थे और उन्हें कहीं भी रुकने की अनुमति नहीं थी।

ब्रह्मांड की परिक्रमा

ब्रह्मांड की परिक्रमा

कहा जाता है कि अगर सूर्य देव रुक जाते तो ब्रह्मांड की गतिविधियाँ रुक जातीं और इसी ब्रह्मांड की परिक्रमा के कारण सूर्य देव के रथ के घोड़े परिक्रमा करते हुए बहुत थक चुके थे।

ब्रह्मांड की गतिविधियाँ

ब्रह्मांड की गतिविधियाँ

यह देखकर सूर्य देव ने तनाव में आकर अपने रथ को रोकने का विचार किया ताकि सूर्य देव के रथ के घोड़े अपनी प्यास बुझा सकें और थोड़ा आराम कर सकें।

घोड़ों को आराम

अचानक भगवान सूर्य को पता चला कि अगर उन्होंने अपना रथ रोक दिया तो ब्रह्मांड की सभी गतिविधियाँ बंद हो जाएंगी और परेशानी हो जाएगी।

भगवान सूर्य

तभी सूर्य देव ने ब्रह्मांड की परिक्रमा करते हुए दो गधों (खर) को देखा और यह निर्णय लिया कि अपने घोड़ों को थोड़ा आराम दे देता हूँ और इन दोनों खरों को अपने रथ में जोड़ लेता हूँ।

दो गधे (खर)

सूर्य देव ने अपने रथ के घोड़ों को आराम करने के लिए छोड़ दिया और दोनों खरों को अपने रथ से जोड़ लिया ताकि सूर्य देव की ब्रह्मांड की परिक्रमा रुके नहीं।

खरों का रथ में जुड़ना

खरों का रथ में जुड़ना

लेकिन गधों ने रथ की गति को धीमा कर दिया परंतु एक महीने का चक्कर सूर्य देव ने किसी तरह पूरा किया और उनके घोड़ों ने आराम किया।

रथ की गति

मंद गति के कारण और खरों का रथ में इस्तेमाल करने के कारण जिस महीने को सूर्यदेव ने पूर्ण किया आज उसे खरमास के नाम से जाना जाता है।

खरमास

हिंदू पंचाग के अनुसार खरमास साल में एक बार ज़रूर आता है जो ग्रेगोरियन कैलेंडर के मुताबिक 13 मार्च बुधवार से लेकर 14 अप्रैल रविवार 2024 तक रहेगा।

2024 में खरमास

माला जप करते समय रखें इन बातों का ध्यान