धर्म के पाँच आधार कौन-से होते हैं?

धर्म के 5 आधार

धर्म के 5 आधार

दोस्तों आज हम आपको बताएँगे कि हमें अपने धर्म को जानने से पहले धर्म के पाँच आधारों को जानना बहुत ज़रूरी होता है तो चलिए जानते हैं धर्म के पाँच आधार कौन-से होते हैं।

भगवान श्री कृष्ण जी

भगवान श्री कृष्ण जी

भगवान श्री कृष्ण जी ने अपनी सखी तथा पाँडवों की धर्मपत्नी द्रौपदी को धर्म के पाँच आधारों के बारे में बताया था।

ज्ञान

ज्ञान

धर्म को जानने के लिए सबसे पहला आधार होता है ज्ञान जिसकी मदद से  हम ज्ञान अर्जित तथा बाँटते हैं।

प्रेम

प्रेम

धर्म को जानने के लिए दूसरा आधार होता है प्रेम जो हमें सबसे करना चाहिए और अगर सबसे संभव न हो सके तो ईश्वर से ज़रूर करना चाहिए।

न्याय

न्याय

धर्म को जानने के लिए तीसरा आधार होता है न्याय जो हमें अपने जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में काफी सोच समझकर करना चाहिए। 

समर्पण

समर्पण

धर्म को जानने के लिए चौथा आधार होता है समर्पण, समर्पण हमें अपने धर्म यानि कि काम के लिए तथा ईश्वर के प्रति होना चाहिए।

धीरज

धीरज

धर्म को जानने के लिए अंतिम आधार होता है धीरज जो हमें अपने जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में तथा हमारे जीवन के प्रति ईश्वर की योजनाओं में ज़रूर रखना चाहिए।

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