Deepak Kumar Saini - B.E. (Civil) - Vastu & Geopathy Expert

फुलेरा दूज क्या है?

हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह की शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि के दिन हर साल फुलेरा दूज का त्यौहार मनाया जाता है।

हिंदू पंचांग

हिंदू पंचांग

ग्रेगोरियन कैलेंडर के मुताबिक 2024 में फुलेरा दूज का त्यौहार 12 मार्च शनिवार के दिन मनाया जाएगा।

ग्रेगोरियन कैलेंडर

ग्रेगोरियन कैलेंडर

हिंदू मान्यताओं के हिसाब से ऐसा कहा जाता है कि फुलेरा दूज वाले दिन भगवान श्री कृष्ण जी और राधा रानी जी का विवाह ब्रह्मा जी द्वारा कराया गया था।।

फुलेरा दूज का महत्व

फुलेरा दूज का महत्व

फुलेरा दूज के दिन आप सारे मांगलिक कार्य बिना किसी भी मुहूर्त में कर सकते हैं क्योंकि फुलेरा दूज का यह दिन बहुत ही शुभ माना जाता  है।

फुलेरा दूज क्यों?

फुलेरा दूज वाले दिन आप कोई भी मांगलिक कार्य जैसे विवाह,सगाई, मुंडन, नामकरण और संपत्ति या वाहन की खरीददारी आप कर सकते हैं।

फुलेरा दूज पर क्या करें?

किसी भी विवाहित या अविवाहित जोड़े को फुलेरा दूज वाले दिन भगवान श्री कृष्ण जी और राधा रानी जी की पूजा ज़रूर करनी चाहिए।

शुभ कार्य

फुलेरा दूज वाले दिन सिर्फ सात्त्विक आहार ही लेना और दान करना अत्यंत शुभ होता है।

सात्त्विक आहर

सात्त्विक आहर

फुलेरा दूज के दिन भगवान श्री कृष्ण जी तथा राधा रानी जी को माखन, मिश्री, दूध से बनी विभिन्न प्रकार की मिठाई तथा पोहे का भोग लगाना चाहिए।.

भगवान का भोग

भगवान का भोग

उत्तराखंड में स्थित पंच केदार कौन-से हैं?