Deepak Kumar Saini - B.E. (Civil) - Vastu & Geopathy Expert

पौष पुत्रदा एकादशी के दिन क्या करें?

भारत के उत्तरी क्षेत्रों में पौष पुत्रदा एकादशी के व्रत का महत्व अधिक है जबकि अन्य राज्यों में श्रावण पुत्रदा एकादशी के व्रत का महत्व है।

भारत के क्षेत्र

भारत के क्षेत्र

हिंदू पंचांग के अनुसार पौष माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाता है।

हिंदू पंचांग

ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत 21 जनवरी 2024 रविवार के दिन है।

ग्रेगोरियन कैलेंडर

हिंदू ग्रंथों के मुताबिक जिस शादी-शुदा जोड़े को पुत्र की इच्छा होती है उनको पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत ज़रूर करना चाहिए।

पुत्र की इच्छा

पुत्र की इच्छा

पौराणिक कथाओं के अनुसार पौष पुत्रदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु जी की पूजा करनी चाहिए।

भगवान विष्णु की पूजा

भगवान विष्णु की पूजा

पौष और श्रावण माह की पुत्रदा एकादशियाँ ही 2 ऐसी एकादशियाँ हैं जिनका  लक्ष्य बाकि एकादशियों से सबसे भिन्न है।

2 एकादशियाँ

पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रखने से पुत्र की प्राप्ति के साथ-साथ पित्तरों को भी शांति मिलती है।

पित्तरों को शांति

पौष पुत्रदा एकादशी के दिन अनाज, सेम व अन्य तेज़ मसालों का सेवन करना वर्जित होता है।

क्या न खाएँ।

पूजा से पहले स्नान करना क्यों ज़रूरी है?