पापमोचिनी एकादशी के दिन क्या करें?

Deepak Kumar Saini B. E. (Civil) Vastu & Geopathiy Expart & Coach

वैदिक पंचांग के अनुसार चैत्र माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को ही पापमोचिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है।

वैदिक पंचांग

वैदिक पंचांग

अंग्रेजी पंचांग के मुताबिक 05 अप्रैल 2024 शुक्रवार के दिन पापमोचिनी एकादशी है।

अंग्रेजी पंचांग

अंग्रेजी पंचांग

पापमोचिनी एकादशी के व्रत में भगवान श्री विष्णु जी के चतुर्भुज रूप की पूजा करनी चाहिए।

चतुर्भुज रूप

व्रती को दशमी तिथि में सिर्फ 1 बार सात्विक भोजन करना चाहिए और मन से भोग विलास की भावना को निकालकर हरि में अपने मन को लगाना चाहिए।

दशमी तिथि

पापमोचिनी एकादशी के दिन सूर्योदय काल में स्नान करके व्रत का संकल्प करना चाहिए।

व्रत संकल्प

संकल्प के उपरांत षोड्षोपचार सहित भगवान श्री विष्णु जी की पूजा के पश्चात भगवान के समक्ष बैठकर भगवत कथा का पाठ करना चाहिए।

भगवत कथा का पाठ

पापमोचिनी एकादशी के दिन रात्रि में निराहार रहकर भजन कीर्तन करते हुए जागरण करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।

पुण्य की प्राप्ति

पापमोचिनी एकादशी के अगले दिन यानि द्वादशी तिथि को ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए तथा दक्षिणा सहित विदा करने के पश्चात स्वयं भोजन करना चाहिए।

ब्राह्मणों को भोजन

पापमोचिनी एकादशी का यदि कोई भी व्यक्ति व्रत करता है तो उसके द्वारा जाने-अनजाने में किए गए सभी पापों से वह व्यक्ति मुक्त हो जाता है।

पापों से मुक्ति

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