चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापना विधि क्या है?

दोस्तों चलिए आज हम आपको बताएँगे कि चैत्र नवरात्रि के पहले दिन ही कलश स्थापना की विधि क्या है?

कलश स्थापना

कलश स्थापना

कलश स्थापना के लिए मिट्टी से बना कलश सर्वोत्तम होता है तथा चैत्र नवरात्रि में मिट्टी के कलश का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

मिट्टी का बर्तन

मिट्टी का बर्तन

मिट्टी के कलश को स्वच्छ पानी में थोड़ी देर भिगोकर छोड़ देना चाहिए तथा उसके बाद गंगा जल से शुद्धिकरण करना चाहिए।

शुद्धिकरण

शुद्धिकरण

चैत्र के नवरात्रि के दौरान अपने घर की माता की चौकी में कलश के नीचे थोड़ी सी मिट्टी ज़रूर रखनी चाहिए।

कलश के नीचे

कलश के नीचे

कलश स्थापना से पूर्व मिट्टी के कलश पर रोली या हल्दी से स्वस्तिक ज़रूर बनाना चाहिए।

स्वस्तिक

स्वस्तिक

कलश स्थापना करने से पहले मिट्टी के कलश के ऊपरी हिस्से में मौली ज़रूर बाँधना चाहिए।

मौली बाँधना

मौली बाँधना

मिट्टी के उस कलश को साफ और स्वच्छ जल से भरकर उस कलश में थोड़ा सा गंगा जल भी मिलाना चाहिए।

कलश में जल

कलश में जल

मिट्टी के कलश में जल भरने के बाद उस कलश में एक सिक्का, एक हल्दी की गाँठ, सुपारी, अक्षत, इलायची और गेंदे का एक फूल डालना चाहिए।

कलश में क्या डालें?

मिट्टी के कलश को उसके ढक्कन से ढककर उसपर 5 आम के पत्ते रखने चाहिए।

आम के पत्ते

अंत में मिट्टी के कलश पर एक नारियल को लाल चुनरी में लपेट कर अपने घर की माता की चौकी में स्थापित कर देना चाहिए।

नारियल

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