मंदिर में घंटी कितनी बार बजानी चाहिए?

मंदिर की घंटी

मंदिर की घंटी

दोस्तों क्या आप जानते हैं कि मंदिर में मौजूद होते हुए मंदिर की घंटी कितनी बार बजानी चाहिए?

घंटी बजाने का महत्व

घंटी बजाने का महत्व

हिंदू धर्म में घर का पूजाकक्ष हो या मंदिर हो घंटी बजाने का महत्व भी है तथा घंटी हमेशा बजाई भी जाती है।

अधूरा

अधूरा

मान्यताओं के आधार पर सुबह-सुबह भगवान को जगाने, आरती और भोग लगाने तक घंटी बजाए बिना ये सब करना अधूरा माना जाता है।

इच्छा अनुसार

इच्छा अनुसार

लोक मान्यताओं के अनुसार हर कोई अपनी इच्छा अनुसार घंटी बजाता है तथा वहीं स्थानीय परंपराओं के तहत घंटी बजाना अलग-अलग होता है।

मंदिर में प्रवेश

मंदिर में प्रवेश

हिंदू परंपराओं के मुताबिक मंदिर में प्रवेश करते हुए मंदिर की घंटी को एक, दो और तीन बार ही बजाना चाहिए।

दो से तीन बार

हिंदू शास्त्रों में भी यह वर्णित है कि मंदिर की घंटी को दो से तीन बार से अधिक नहीं बजाना चाहिए।

ज़ोर से नहीं

ज़ोर से नहीं

ऐसा कहा जाता है कि मंदिर में प्रवेश करते हुए मंदिर की घंटी को बहुत ज़ोर से नहीं बजाना चाहिए।

आरती और पूजा

आरती और पूजा

हिंदू ग्रंथों के हिसाब से मंदिर में लगातार घंटी बस भगवान की आरती और पूजा के समय ही लगातार बजाना उचित होता है।

बाहर निकलते समय

बाहर निकलते समय

हिंदू कथाओं के आधार पर सिर्फ मंदिर में प्रवेश करते हुए ही घंटी बजानी चाहिए तथा मंदिर से बाहर निकलते समय घंटी नहीं बजानी चाहिए।

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