गुड़ी पड़वा के बारे में रोचक तथ्य

वैदिक पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि यानि प्रथम तिथि के दिन गुड़ी पड़वा का उत्स्व मनाया जाएगा।

वैदिक पंचांग

वैदिक पंचांग

अंग्रेजी पंचांग के मुताबिक 09 अप्रैल 2024 मंगलवार के दिन गुड़ी पड़वा का उत्स्व मनाया जाएगा।

अंग्रेजी पंचांग

अंग्रेजी पंचांग

हिंदू मान्यताओं के तहत गुड़ी पड़वा का दिन सृष्टि की रचना के रूप में मनाया जाता है कहा जाता है कि इसी दिन भगवान ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी।

महत्व

महत्व

गुड़ी पड़वा के दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं तथा एक-दूसरे के घर मिलने के लिए जाते हैं।

कैसे मनाएँ?

कैसे मनाएँ?

गुड़ी पड़वा के दिन पूरन पोली, श्रीखंड, मीठे भात तथा शक्कर भात प्रसाद व खाने के लिए बनाए जाते हैं।

क्या बनाएँ?

क्या बनाएँ?

गुड़ी पड़वा के दिन घर के सभी सदस्यों को सुबह-सुबह सूर्योदय से पहले ही अपने आपको स्नान व स्वच्छ कर लेना चाहिए।

क्या करें?

क्या करें?

गुड़ी पड़वा वाले दिन भगवान ब्रह्मा जी के साथ-साथ भगवान विष्णु जी की भी पूजा पूर्ण विधि-विधान सहित करनी चाहिए।

पूजा-अर्चना

पूजा-अर्चना

गुड़ी पड़वा के दिन आम के पत्तों की एक तोरण अपने घर के मुख्य द्वार पर अवश्य लगानी चाहिए।

ये ज़रूर करें

ये ज़रूर करें

एक गुड़ी को आम के पत्तों, पुष्पों और कपड़ों से सजाकर अपने घर की उत्तर-पूर्व दिशा में गुड़ी को ज़रूर लगाना चाहिए।

गुड़ी

गुड़ी

हनुमान जी कौन-सी 9 निधियों के दाता हैं?