Deepak Kumar Saini - B.E. (Civil) - Vastu & Geopathy Expert

देवउठनी एकादशी के व्रत के फायदे

हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को ही देवउठनी एकादशी के नाम से जाना जाता है।

ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार देवउठनी एकादशी 2023 में 23 नवंबर गुरुवार के दिन है।

देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को योग निद्रा से 4 महीने बाद घंटा, शंख, मृदंग व मांगलिक ध्वनियों के इस्तेमाल से उठाया जाता है।

देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को "उठो देवा बैठो देवा" कहकर उठाया जाता है।

देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ-साथ अनेक प्रकार के फलों का भोग लगाना चाहिए।

देवउठनी एकादशी वाले दिन उपवास ज़रूर रखें या फिर किसी एक समय ही फलाहार ग्रहण करें।

देवउठनी एकादशी में रात भर जागकर हरि नाम-संकीर्तन करने से भगवान विष्णु अत्यन्त प्रसन्न होते हैं।

देवउठनी एकादशी के दिन सभी मांगलिक व शुभ कार्यों जैसे कि शादी, सगाई आदि की शुरुआत हो जाती है।

श्री हरि-प्रबोधिनी (देवोत्थान) एकादशी का व्रत करने से एक हजार अश्वमेघ यज्ञ तथा 100 राजसूय यज्ञों का फल मिलता है।

लोक कथाओं के मुताबिक देवउठनी एकादशी का व्रत करने से सब पाप भस्म हो जाते हैं तथा व्रती मरणोपरान्त बैकुण्ठ जाता है।

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