Deepak Kumar Saini - B.E. (Civil) - Vastu & Geopathy Expert

रोज़ाना पूजा में दीया जलाने का सही तरीका

हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करना बिना दीया जलाए पूर्ण नहीं माना जाता है।

पूजा-अर्चना

रोज़ाना सुबह और शाम की नियमित पूजा के दौरान दीपक जलाना बहुत ही अच्छा माना जाता है।

सुबह और शाम

हिंदू ग्रंथों के अनुसार रोज़ाना भगवान की पूजा करते समय दीप प्रज्वलित करने के कुछ नियम बताए गए हैं, चलिए जानते हैं वे नियम क्या हैं?

दीप प्रज्वलित करने के नियम

हिंदू पुराणों के अनुसार अगर आप घी का दीपक देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के सामने प्रज्वलित करते हैं तो उस दीपक को मंदिर में बाईं तरफ रखना चाहिए।

घी का दीपक

हिंदू शास्त्रों के मुताबिक अगर आप तेल का दीपक देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के सामने प्रज्वलित करते हैं तो उस दीपक को मंदिर में दाईं तरफ रखना चाहिए।

तेल का दीपक

तेल का दीपक

लोक कथाओं के अनुरूप तेल के दीपक में कभी भी लाल रंग की रुई की बाती का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

न करें इस्तेमाल

वास्तु शास्त्र के नियमों के हिसाब से घी और तेल के दीपक को अपने परिसर के मंदिर अर्थात उत्तर से पूर्व दिशा में रखना चाहिए।

दिशा

हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार दीपक जलाते समय "शुभम करोति कल्याणं, आरोग्यं धन संपदाम्, शत्रु बुद्धि विनाशाय, दीपं ज्योति नमोस्तुते" मंत्र का जाप करना चाहिए।

दीपक जलाते समय मंत्र

दीप जलाते समय जिस मंत्र का जाप करना चाहिए उसका अर्थ है - शुभ और कल्याण करने वाली, आरोग्य और धन-संपदा देने वाली, शत्रु बुद्धि का विनाश करने वाली दीपक की ज्योति को मेरा नमस्कार है।

मंत्र का अर्थ

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