चैत्र नवरात्रि में खेत्री उगाने की विधि क्या है?

सबसे पहले तो यह चीज़ ध्यान में रखें कि चैत्र नवरात्रि के पहले दिन ही खेत्री को बोना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से खेत्री को उगने के लिए उचित समय मिलता है।

पहले दिन

पहले दिन

खेत्री को उगाने के लिए सिर्फ और सिर्फ मिट्टी से बने बर्तन का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

मिट्टी का बर्तन

मिट्टी का बर्तन

खेत्री को उगाने से पहले मिट्टी के बर्तन को कम-से-कम 1 घंटे के लिए पानी में छोड़ना चाहिए।

पानी में छोड़ना

पानी में छोड़ना

मिट्टी के बर्तन को पानी से निकालने के बाद उसे सूखने के लिए छोड़ दें इतना बालू या मिट्टी को अच्छे से छानकर साफ़ कर लें।

मिट्टी की सफाई

मिट्टी की सफाई

मिट्टी के बर्तन में जों या मिट्टी को डालने से पहले उस मिट्टी के बर्तन पर हल्दी या सिंदूर से स्वस्तिक बना लें।

स्वस्तिक

स्वस्तिक

स्वस्तिक के बनाने के पश्चात उस मिट्टी के बर्तन में मिट्टी डालें तथा ऊपर से जौं भी डालें।

जौं का इस्तेमाल

जौं का इस्तेमाल

जौं को मिट्टी के ऊपर रखें और थोड़ी सी मिट्टी की परत बना दें तथा जौं के ऊपर ज़्यादा मिट्टी न डालें।

मिट्टी की परत

मिट्टी की परत

जौं को मिट्टी के ज्यादा नीचे नहीं दबाना चाहिए ऐसा करने से जौं कभी भी उग नहीं पाएँगे।

मिट्टी के ज्यादा नीचे

चैत्र नवरात्रि के 9 दिन खेत्री में अच्छे से पानी दें तथा ध्यान रहे पानी सिर्फ जौं को भिगोने तक के लिए ही देना चाहिए।

खेत्री को पानी

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