चैत्र नवरात्रि में कन्या पूजन के दिन क्या करें?

चैत्र नवरात्रि के दौरान 9 दिनों तक माँ दुर्गा जी की बड़े धूमधाम से पूजा की जाती है और 9 दिन पूरे होने के बाद कन्या पूजन का विधान है।

माँ दुर्गा जी

माँ दुर्गा जी

हिंदू मान्यताओं के तहत चैत्र नवरात्रि में उपवास रखने और कन्या पूजन करने से माता रानी अत्यंत प्रसन्न होती हैं।

माता रानी

माता रानी

हिंदू अनुयायिओं के हिसाब से कई लोग कन्या पूजन चैत्र नवरात्रि की अष्टमी या नवमी तिथि को करते हैं।

अष्टमी या नवमी तिथि

अष्टमी या नवमी तिथि

सबसे पहले जिस भी दिन कन्या पूजन करना हो उस दिन सभी कन्याओं को आदर और प्रेम सहित आमंत्रित करना चाहिए।

आमंत्रित करें

आमंत्रित करें

कोशिश करें आप अपने परिसर में सिर्फ 9 कन्याओं और 1 लाँगुरिया के अलावा इससे अधिक कन्या और लाँगुरिया न बैठाएँ।

9 कन्याओं और 1 लाँगुरिया

अपने परिसर में कन्याओं का आदर सहित आमंत्रित करने के बाद कन्याओं को स्वच्छ स्थान पर बैठा कर उनके पैर ज़रूर धोने चाहिए।

पैर धोयें

पैर धोयें

सभी देवी रूपी कन्याओं को तिलक करना चाहिए तथा उनकी कलाइओं पर मौली या कलावा ज़रूर बाँधना चाहिए।

देवी रूपी कन्याएँ

देवी रूपी कन्याएँ

अपनी क्षमता अनुसार सभी कन्याओं को भोजन कराएँ तथा कुछ उपहार या पैसे ज़रूर दें।

क्षमता अनुसार

कन्याओं को अपने परिसर से विदा करते समय सभी कन्याओं के पैर छुएँ और देवी माँ का ध्यान करते हुए किसी भी भूल के लिए क्षमा ज़रूर माँगें।

देवी माँ

माँ दुर्गा को और किन नामों से जाना जाता है?