चैत्र नवरात्रि में नहीं करने चाहिए ये काम

दोस्तों क्या आप जानते हैं कि चैत्र नवरात्रि के व्रत रखने वाले उपासकों को चैत्र नवरात्रि के दौरान क्या नियम अपनाने चाहिए?

चैत्र नवरात्रि

चैत्र नवरात्रि

चैत्र नवरात्रि के व्रत रखने वाले उपासकों को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए तथा अपने ब्रह्मचर्य का उल्लंघन नहीं करना चाहिए।

ब्रह्मचर्य का पालन

ब्रह्मचर्य का पालन

चैत्र नवरात्रि के व्रती को झूठ बोलने, निंदा करने और क्रोध नहीं करना चाहिए।

झूठ, निंदा और क्रोध

झूठ, निंदा और क्रोध

चैत्र नवरात्रि में सिर्फ व्रती को ही नहीं बल्कि किसी को भी संभोग नहीं करना चाहिए तथा काम भाव भी अपने मन में नहीं लाना चाहिए।

काम भाव

काम भाव

चैत्र नवरात्रि के दौरान जिन घरों में देवी दुर्गा जी की पूजा होती हो ऐसे व्रती या अन्य सदस्यों को अपने घर में तथा अपने घर के बाहर तामसिक व मांसाहार भोजन नहीं करना चाहिए।

तामसिक व मांसाहार भोजन

चैत्र नवरात्रि के दौरान अपने घर में पूजा करने से पहले अच्छे से साफ-सफाई ज़रूर करनी चाहिए तथा गंदे घर व मंदिर में पूजा बिलकुल भी नहीं करनी चाहिए।

साफ-सफाई

साफ-सफाई

चैत्र नवरात्रि के दौरान जो व्यक्ति तामसिक या मांसाहार भोजन का त्याग नहीं कर सकते हैं ऐसे व्यक्तियों को घर की मुख्य पूजा में सम्मिलित नहीं होना चाहिए।

मुख्य पूजा

मुख्य पूजा

चैत्र नवरात्रि के दौरान जो व्यक्ति व्रत रखने में असमर्थ है ऐसे व्यक्तियों को अगर संभव हो सके तो एक समय का भोजन नहीं करना चाहिए।

एक समय का भोजन

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